वखत डिसीं वॅवार ‘जानी’ ,
जगत मथे सउ कजा
वा वरंधे वरे विठी,
जीं मिंधर मथे धजा .
: कवि नेणसीं à¤à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤²à¥€ “जानी”
Vakhat desin veyvar ‘jaani’

