Kutchi Maadu Rotating Header Image

Posts under ‘General’

BOOK LAUNCH PROG “RAGHAV DARPAN”

THREE GENERATIONS OF KAVI VIZ. KAVI RAGHAV, KAVI MADHAV,AND KAVI “KHILMAST”. THE PROG WAS AT MULUND ON 24/02/2017 TO LAUNCH THE BOOK COMPILING OF ALL THE ABOVE POETS WORKS IN A BOOK “RAHAV DARPAN”…..

THE BOOK WAS LAUNCHED BY DR. VISHAN NAGDA. THE CHEIF GUEST WERE MR.VISHANJI HARSHI GALA.(DUMRA).

THE KAVI NARAYAN JOSHI KARAYAL” AND OTHER PROMINENT POETS WERE ALSO PRESENT ON THIS OCCASION.

 

हेकडा करोडें …

हेकडा करोडें में कोछेंता
ब्या लखें में कोछेंता
त्रेया हजारें में कोछेंता
जेर भोख लगेती पेटमे तॅर
ही मडे मानीला लोछेंता !

kutchi olympia’KUTCH DON WON EIGHT MEDALS”…..

IN THE FIRST EDITION OF KUTCHI OLYMPIA NEARLY 88 VILLAGES PARTICIPATED. IT WAS HUGE SUCESS OF THIS 7 MONTHS EXTRAVAGANZA…..

NEARLY 55 PARTICIPANTS FROM “DON” VILLAGE TOOK THE VARIOUS SPORTS…LIKE FOOTBALL,SWIMMING ,SKATING, TABLE TENNIS,ETC…. IT WAS PROUD MOMENT FOR DONAITES THAT THEY GOT 3 GOLD 3 SILVER AND 2 BRONZE MEDALS AND STOOD 24 TH RANK IN THE FINAL OVERALL MEDAL TALLY…..

पांजो मेड थइ वेंधो : कच्छी कॉमेडी फिल्म


कच्छी दंगल (मलखडो)


दोस्त दिलेर ..

दोस्त दिलेर ने
वला मुंजा
बधे न रखाॅ धन माल
ख्याॅ खारायाॅ
ने खॅरात कर्याॅ
कें डेठ्ठी आय काल

लखपत

।। लखपत ।।
*लखें जो लोडार, लखपत।
भारत जो पेरेधार, लखपत।
* कोटेसर कटेसर मड माता जो।
नारणसरजी पार, लखपत।
* लालछता ने पीर सावलो।
नानक जो धरबार, लखपत।
* कडे कमाणीयुं थइ लखें जी।
कडे भनी वीठो भेकार, लखपत।
* कारी खाण्युं कोलसें वारी।
लायटें जो चमकार लखपत।
* न चरो चोपें के पाणी पीतेला।
डीठा कंइक डुकार, लखपत।
* धरती रूपारी धांय घणा थींये।
जडे मीं वुठो श्रीकार, लखपत।
*भाडरो सांध्रो नरो गोधातड।
पोख जा आधार, लखपत।
* मेंयु गोइयुं जा खीर ने मावो।
भनी वयो शाउकार लखपत।
* धवाखाने मे धागतर न’वे।
मास्तर वगर जी निशार, लखपत।
* मधध बार जी कडे प न मीले।
मालिक ते ऐतबार, लखपत।
* गीने वारा गीने भले तोजे नां ते।
डिनो वारो अंइ दातार, लखपत।
* “जय” ऊथों पां भेठ भंधे ने।
धुनिया के चों ” न्यार, लखपत।

: हितेस जोसी
reference : https://www.facebook.com/tejpaldharsinagda.tej

सुभ दियारी ! साल मुबारक !


subhdiwali2016

मुंजे मनजी गाल !

मुंजे मनजी गाल
*************

न वाद खपॅ न विवाद खपॅ
पांके त बस,पेंढमे प्रेमभाव खपॅ

न नाम खपॅ न तख्ती खपॅ
पांके त बस “माँ” जी भक्ती खपॅ

न पद खपॅ न मान खपॅ
पांके त बस पांजो संगठन खपॅ

न सायर खपॅ न वख्ता खपॅ
पांके त बस पांजी अेकता खपॅ

जय माताजी !
जय कच्छ !

મુંજે મન જી ગાલ
*****************
ન વાદ ખપે,ન વિવાદ ખપે
પાંકે ત બસ, પેંઢ મેં પ્રેમભાવ ખપે……
ન નામ ખપે,ન તખ્તી ખપે
પાંકે ત બસ,”માં”જી ભકત્તી ખપે……
ન પદ ખપે ,ન માન ખપે
પાંકે ત બસ, પાંજો સગઠન ખપે…….
ન શાયર ખપે,ન વકત્તા ખપે
પાંકે ત બસ,પાંજી એકતા ખપે……
જય માતાજી

सुभ नवरात्री २०१६ ! Shubh Navratri 2016

navratri2016a
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

Mata je madh ja Live darshan 2016 (www.matanamadh.org)

जय माताजी !
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: