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सुभ नवरात्री २०१७ ! Shubh Navratri 2017

Navratri 2017
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

Mata je madh ja Live darshan 2017 (www.matanamadh.org)

जय माताजी !
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

ॐ गं गणपतये नमः

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गणपति बापा मिणींजी मनोकामना पुरी करीयें ही सुभेच्छा |

ॐ गं गणपतये नमः

साइंस एक्सप्रेस ट्रेन भोजमे Science Express train in Bhojh , Kachchh from (25 to 27 Aug 2017)

साइंस एक्सप्रेस ट्रेन भोजमे (25 to 27 Aug 2017)
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Website :http://www.sciencexpress.in/

कच्छी भासा अतरे

कच्छी भासा अतरे……?
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ऋक्क जेड़ी नक्कर सक्कर जेड़ी सीरीवारी,
अक्कड़ अनोखी अति गति रामबाणजी,
कुछेमें कड़क कच्छी पाणीजे कड़ाके वारी,
विजजे वराके जेड़ी जोत जिंधजानजी,
ताजी घोड़ो छुटे तुटे तोपजो गलोलो तेड़ी,
“काराणी” चे चोट कच्छी वाणीजी कमानजी

:कवि काराणी

अधा जो आशरो

*हो अधा जो आशरो*
*ने छांइ बाइ जे छाल जी..*
*हो जानी जींयण ऊ सचो*
*चिंधा न हुइ काल जी..*

साल मुबारक ! शुभ असाढी बीज !

Asadhi beej 2017 Kachchhi new year

सवार ओगइ सारी… :)

ढगा जोपाया सीम ला,
मथे वधा भतार भारी…

सीम न लजे मुके,
हाणे थइ मोसीबत  भारी..

फोन करे पोछयो अधा के,
अधा सीम कदा आय पांजी..

अधा वठोओ ओटे गामजे,
नोटरम जमइ होइ बोरी..

फोन सोणी अधा ओपळ्यो,
लख लख जीयु दने चार गारीयुं..

ओठ जेदो थे तोय सीम
न लधे पांजी..?

थकी हारी आयो आउ पाछो,
खेळ वगरजी सीम रइ सारी..

अधा अचींधो अदो कढधो,
करींधो मगज मारी बोरी…

ब माडुंएजो भतार खाइ,
नंधरुं कयुं आउ भारी…

केजी सीम केडा ढगा केजो अधा,
रात वइ सवार ओगइ सारी..!!

Reference : Whatsapp

कच्छजी करीयां गाल

!! कच्छजी करीयां गाल !!

कच्छजी करीयां गाल यार (२)
कच्छडो आय कमाल मुंजे
कच्छजी करीयां गाल…..(२)

आइ आशापुरा जो आय मीठडो रे मढ गाम.
कोटेश्वर जी छांइ में आय नारायण जो धाम…..कच्छजी करीयां गाल

वसे रावर पीर जत्ते वजे मठा वाज..
जीगरी हाजीपीर जुको रणमें करे राज…..कच्छजी करीयां गाल

वागड देश वल्लो माता रवेचीजो ठाम.
सुरें जो सरताज उभो आय अभडो जाम…..कच्छजी करीयां गाल

धीणोधर तां डुंगर एडो कच्छडे जो गीरनार….
भुजीयें डुंगर जेडो कत्ते झोटो नांय यार…..कच्छजी करीयां गाल

मेकणजी समाधी जत्ते मोंगा मले मान..
जाडेजा जेसल के गाराय तोरल रुडा गान…..कच्छजी करीयां गाल

कामणगारें कच्छडे जा तां सागर जेडा संत..
लोहाणे में थई व्या वलुभगत जेळा संत जे रोटलो ने ओटलो बोय दनो अन्नपूर्णा स्वऋप देवी ऋक्षमणि संग….
देव ता बरें डसी एडा पांजां संप…..
कच्छजी करीयां गाल

केडी करीयां गाल अंइ अच्चो हकडी वार…
लखे के लगेतो कच्छ अवध जो अवतार….कच्छजी करीयां गाल
!! जय कच्छ !!

कच्छ जो प्रवास

KachchhJoPravas1

Kachchh Jo Pravas 2

आगम वाणी

कच्छमे लगभग चॉदोसो वरें पॅला श्री मामैयदेव थईं व्या.
श्री मामैयदेवजी भविष्यवाणी सची पई रई आय हॅडो लगेतो :

[१]कुंवर विकनींडा काठीयुं,
रा विकनींडा घाह,
‘मामै मातंग, चे,
नाणे विकंधा न्याह.

[२] खचरडा खीर खायेंदा,
तगडा थींदा ताजी,
वडा माडु वेही रोंधा,
पूंछा ईंधा पाजी.

[३]सनेजीवेजी शरम न रोंधी,
न रोंधी मनमें मेर,
धन खर्चे धर्मी चवांधा,
कंधा वडे से वेर.

[४]मेडीयुं पाडे ने मारग थिन्दा,
कबरमें थीन्दा घर,
अस्त्री वेंधी तखत पे,
जाळी लोदिन्डे नर.

[५]शाह छडिन्धा शाहपणुं,
सच्च छडिन्धा शेठ,
भामण भणन छडिन्धा,
जाडेजा कंधा वेठ.

[६]भुख माडु ते भड ध्रिजंदा,
शियाळे ध्रिजंदा सीं,
पे ध्रिजंदा पुतरते,
हेडा अच्चेंन्धा डी.