१ बोले तेंजा बेर वेकांजे
२ न बोलेमें नों गोण
३ चरैइ सावरें न वेने ने डाइ के शिखामण दे
४ संप तेते जंप
५ बकरो कढयों त ओठ वेठो
६ राजा वाजा ने वांदरा त्रोय सरखा
७ बगलमें छोरी ने गाममें ढंढेरो
८ अघुरो घडो छेलकाजे बोरो
९ पारकी मां ज कन वेंधे
१० जेडा न पोजे रवि, ओडा पोजे कवि ने जेडा न पोजे कवि ओडा पोजे अनुभवी.
११ टीपें टीपें सरोवर भराजे
१२ लमेंथी डुंगर फोटरा
१३ लोभीया होंय ओडा धुतारा भोखें न मरें
१४ शेर जे मथे सवाशेर
१५ शेठजी शिखामण जांपे तांइ
१६ वड जेळा टेटा ने पे जेळा बेटा
१७ राम रखे तेंके केर चखे
१८ ओठ जा एळोय अंग वेंघा
१९ जेजा हथ सोहामणा लगें
२० माकुळी के कण नें हाथी के मण
२१ संघरेलो सप पण कमजो
२२ खोध्यों डुंगर ने नेकरयो उंदर
२३ झेजीयुं किडीयुं सप के ताणीयें
२४ चेतंधल माळु मेंणीया सोखी
२५ सो दिं ससजा त हेकळो दिं नों जो
२६ .पोतरजा लखण पारणेमें नें नों जा लखण बायणेंमें
२७. दोकारमें अधिक मेंणु
२८.हेकडो संध्यो तेरो तोटें
२९. मां से मां ब्या मेळे वगडेजा वा
३०.धीरजजा फळ मेठा
३१.कुएमें होय त अवाडेमें अचे
३२.सो सोनारजी नें हेकडी लोहारजी
३३.राजाके गमे से राणी
३४.कमाणी अठ आनी ने खरचो रूपीयो
३५.सोके भेरो नीरो बरे
३६.लेखमी चांदलो केण अचे तेर केपार धुतेला न वेनाजे
३७.पोख्यो तेळो पाम्यो
३८.वखाणेल खेचडी दंधेंमें अळैइ
३९.दशेराजे दिं घोडा न धोडें
४० जेळो संग तेळो रंग
४१.भंध मोठ्ठ लखजी
४२.लख मेल्या न नें लखेश्री थ्या न
४३.नाणे वेगरजो नाथीयो नाणे नाथालाल
४४.लालो लाभ वेगर न लुंटे
४५. पै जी पेदाश न नें घडीजी नेवराश न
४६.धुबीजो कोतो न घरजो न घाटजो
४७.धरमजी गांयजा दंध न नेराजें
४८.हाथी जीरो लखजो, मरे त सवालखजो
४९.वर मरे, क, कन्या मरे ब्राह्मणजी जोली भरे.
५०.खेले तेंजो घर वसे
५१.फेरे से चरे बंधेला भोखें मरें
५२.घरजा छोरा घंटी चटीयें ने पाडोशीयें के अट्टो
५३.रात थुडी ने वेस बोरा
५४.न मामा करंता काणो मामा सारो
५५.मन होय त मांढवे वेनाजे
५६.अणी चोकी वेंधल सो वरे जीये
५७.पारकी आशा हमेशांला निराशा
५८.बारें वरें बावो बोल्यो
५९.जेंके कोय न पोजे तेंके तेंजो पेट पोजे
६०.नाला वडा ने दरशन खोटा
६१.लत्तेंजा भुत गालीयें न वरें
६२.घरें घरें मेट्टीजा चोल्ला
६३. झेझा गुमडा ने झेझी पीडा
६४.आग लगे तेर वाय खोदेला न वेनाजे
६५.अंधेंमें काणुं राजा
६६.खडो खोधे से छणे
६७.केडा राजा भोज नें केडा गंगु तेली
६८.नमे से मेणींके गमे
६९.होय तेर दियारी नें न होय तेर होरी
७०.भेंसजे सामें भागवत न वे
७१.मंगे वेगर मां प न पेरसे
७२.हेकडो संध्यो तेसुंधे तेरो तोटें
७३.न बोलंधल में नों गोण
७४.शेठजी शिखामण झांपे तांइ
७५. मोंमें रामनाम ने बगलमें छोरी
Posts under ‘Kutch Wildlife’
कच्छी चॉवकुं
असीं कच्छी
असीं कच्छी~~~~~
वतन जी वालप नें हुभ जा संचरें विठा “सन”
परडेस में पण कच्छी सुणो त चुसा थीएं “कन”
मीं क मेंमाण अचे तॅर मुरके असांजो “मन”
पिंढ जे पंध हल्या विञो पचायुं नं केजो “पन”
डातारी नें धरमाधा में खरच्युं असांजो “धन”
बरुको नें निमराइ वारो’अरूर’ असांजो
“अन”
:अरूर भा
#(सन, कन ,मन, पन ,धन,अन)
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અસીં કચ્છી
વતન જી વાલપ નેં હુભ જા સંચરેં વિઠા “સન”
પરડેસ મેં પણ કચ્છી સુણો ત ચુસા થીએં “કન”
મીં ક મેંમાણ અચે તૅર મુરકે અસાંજો “મન”
પિંઢ જે પંધ હલ્યા વિઞો પચાયું નં કેજો “પન”
ડાતારી નેં ધરમાધા મેં ખરચ્યું અસાંજો “ધન”
બરુકો નેં નિમરાઇ વારો’અરૂર’ અસાંજો
“અન”
कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !
पंज महत्वजा कार्य पांजे कच्छ ला
पांजी मातृभूमी कच्छ, मातृभासा कच्छी ने पांजी संस्कृति ही पांला करे अमुल्य अईं. अज कच्छ में ऊद्योगिक ने खेतीवाडी में विकास थई रयो आय. बारनूं अलग अलग भासा बोलधल माडु प कच्छमे अची ने रेला लगा अईं. हॅडे वखत मे पां पांजी भासा ने संस्कृति के संभार्यूं ही वधारे जरूरी थई व्यो आय. अमुक महत्व जा कार्य जे अज सुधी पूरा थई व्या हुणा खप्या वा ने जे अना बाकी अईं हेनमेजा जे मिणीयां वधारे महत्वजा अईं से नीचे लखांतो.
अज जे आधुनिक काल में जमाने भेरो हले जी जरूर आय. अज मडे टी.वी. ने ईंटरनेट सुधी पोजी व्यो आय. हॅडे मे पांजा कच्छी माडु कच्छी भासा मे संस्कृति दर्सन, भजन, मनोरंजन, हेल्थ जी जानकारी ने ब्यो घणें मडे नेरेला मगेंता ही सॉ टका सची गाल आय. हेनजे अभाव में पांजा छोकरा ने युवक पिंढजी ऑडखाण के पूरी रीते समजी सकें नता. खास करेने जे कच्छ जे बार रेंता हु कच्छी भासा ने संस्कृति थी अजाण थींधा वनेंता.
अज कच्छ जे स्कूल में बो भासाएँ में सखायमें अचॅतो गुजराती ने ईंग्लीस. कच्छी भासा जे पांजी मातृभाषा आय ने घणे विकसित आय ही हकडी प स्कूल नाय जेडा १ थी १० धोरण सुधी सखायमें अचींधी हुए. कच्छी भासा जे उपयोग के वधारे में अचॅ त ही कच्छीयें ला करे सारी गाल आय ने स्कूल में सखायमें अचे त हनथी सारो कोरो. भोज, गांधीघाम जॅडे सहेरें में जेडा बई कम्युनीटी ( गुजराती,सींधी,हींदीभाषी,….) जा माडु प रेंता होडा ओप्सनल कोर्स तरीके रखेमें अची सगॅतो. १ थी १० क्लास सुधीजो अभ्यासक्रम पांजा कवि, साहित्यकार ने शिक्षक मलीने लखें त हेनके स्कूल में सखायला कच्छी प्रजा मजबूत मांग करे सगॅती. जॅडीते गुजरात, महाराष्ट्र,…. मे मातृभासा जो अभ्यासक्रम त हुऍतोज.
वरसाधजी चाल
नें थिई वरसाधजी चाल
पૉय छांभ कढें धिब डिई
कॅं सजे कच्छ के वाल
नखत्राणे के नचाई ने
भुज में वतायतो भाव
मेघलो मडईमें मंढ कें
हलाय पिंढजो पॅलो डाव
बनी में वाजा वधाईंधो
खावडामें कें इन खेल
अभडासे के प्रेमथी पोसांय
सजे कच्छ में वतांय खेल
गांधीधाम में घेल कंईधो
अंजार के डिने अम्रत
भचाउ रापर में राजी थ्यो
रास रचाय ई लखपत
नेतरे गामसे नजर मिलाई
गुप्तेश्वर मा’डेव के कॅं वंधन
सचा मूती वेरांणा चोक में
मूंजो नेतरा गाम करे वंधन
प्रताप नेत्रा
નેં થિઈ વરસાધજી ચાલ
પૉય છાંભ કઢેં ધિબ ડિઈ
કૅં સજે કચ્છ કે વાલ
નખત્રાણે કે નચાઈ ને
ભુજ મેં વતાયતો ભાવ
મેઘલો મડઈમેં મંઢ કેં
હલાય પિંઢજો પૅલો ડાવ
બની મેં વાજા વધાઈંધો
ખાવડામેં કેં ઇન ખેલ
અભડાસે કે પ્રેમથી પોસાંય
સજે કચ્છ મેં વતાંય ખેલ
ગાંધીધામ મેં ઘેલ કંઈધો
અંજાર કે ડિને અમ્રત
ભચાઉ રાપર મેં રાજી થ્યો
રાસ રચાય ઈ લખપત
નેતરે ગામસે નજર મિલાઈ
ગુપ્તેશ્વર મા’ડેવ કે કૅં વંધન
સચા મૂતી વેરાંણા ચોક મેં
મૂંજો નેતરા ગામ કરે વંધન
પ્રતાપ નેત્રા
Birds of Kachchh(Kutch)

Kachchh(Kutch) mein gadein madey alag jhat jha pakshi aein . Maliney 370 jhat jha pakshi kachch mein malentah.


