छगन (पंढजे बोस के ) – सर, काल थी आउ वेलो 7 वगे घरे हलà¥à¤¯à¥‹ वेधो…..
बोस :- को..?
छगन :- आजी नोकरी थी मà¥à¤œà¥‹ घर नतो हले ,
रात जो नाईट में मूके रिकसा हलाईणी खपेती à¤à¤Ÿà¤²à¥‡…
बोस (à¤à¤¾à¤µà¥à¤• थई ने ) – रीकà¥à¤·à¤¾ हलाई धे हलाई धे थकी रे ने à¤à¥‹à¤– लगे त मॠवटे अची ज à¤à¤²à¤¾ , आउ पण रात जो पाव-à¤à¤¾à¤œà¥€ जी लारी हलाईया तो …

