Kutchi Maadu Rotating Header Image

Posts under ‘Science and Technology’

लिख्यो वे किपारें …

लिख्यो वे किपारें, अचींधो न लोँणे,
कपाजो ऑतारो, अचींधो न वोणें।

गमे टेड्यूँ थाप्यूँ, डींबो पां सुवाल्यूँ,
मिठो नाद माधी, वजधो न भोँणें।

थकधा चडीने, अटो काथरोटें,
न मानीं सुआली, थींए ओछे मोँणे।

मेनथ सें खुलधी, डिसो यार किसमत,
मिलधो विठे घर, सुमजा म सोँणे।

मुणस वेसे केनी, हारे नतो पण,
‘मोहन’ मरे उ, डिसो मेणें टोँणे

भिजॅ अख ज कॅनी …

भिजॅ अख ज कॅनी, डिसी दुख परायो,
फेरो सफड़ जीव, पृथ्वी ते आयो।

मालक दिने आय, अवतार मोंघो,
समजी ने जियो, म फोगट विञायो।

अज आय पांजो, हुओ काल बे जो,
वरी पण सवारे, ई थींधो परायो।

करे कोय कॅनीं, उपकार आंते,
वारीजा पाछो, करीने सवायो।

धुसमण जूको छ, विठा पांजे मनमें,
‘मोहन’ विड़ी बारां, तेंके भजायो…

जिरकली

उगै डीं ने अंङण, रमेतो जिरकली,
मिठे सडसे चीं चीं, करेतो जिरकली।

टिपा टिप करेती, हिड़ांनुं हुड़ां ने,
सजोडीं मूंजे घर, उड़ैती जिरकली।

फिरै पीं जिरकले भेरी, जिरकली,
खुसीसे त कैड़ी, नचेती जिरकली।

चुणेती ई चुणो ने, पीयै पोय पानी,
मस्तीमें पिंढजी, जीएती जिरकली।

बधें मूंजे अंङण, ई मारो रूपारो,
घरवारे भेरी, वसेती जिरकली।

ईंना डे ने पोये, अचें बार बचला,
डिसो, कैड़ी राजी, थीएती जिरकली।

बचलेन्जो पिंढजे, पालन करेला,
खणीं ने त चुणो, अचेती जिरकली।

मिठा बोल ‘मोहन’, सुने रोज इनजा,
मिठड़ी त बोरी, लगेती जिरकली।

ઉગૅ ડીં ને અંઙણ, રમેતી જિરકલી,
મિઠે સડસેં ચીં ચીં, કરેતી જિરકલી.

ટિપા ટિપ કરેતી, હિડાંનું હુડાં ને,
સજોડીં મૂંજે ઘર, ઉડૅતી જિરકલી.

ફિરૅ પિઈ જિરકલે ભેરી, જિરકલી,
ખુસીસેં ત કૅડ઼ી, નચેતી જિરકલી.

ચુણેતી ઈ ચુંણો ને, પીયૅ પોય પાણી,
મસ્તીમેં પિંઢજી, જીએતી જિરકલી.

બધેં મૂંજે અંઙણ, ઈ મારો રૂપારો,
ઘરવારે ભેરી, વસેતી જિરકલી.

ઈંના ડે ને પોયે, અચેં બાર બચલા,
ડિસૉ, કેડ઼ી રાજી, થીએતી જિરકલી.

બચલેંજો પિંઢજે, પાલન કરેલા,
ખણીં ને ત ચુણો, અચેતી જિરકલી.

મિઠા બોલ ‘મોહન’, સુણેં રોજ ઇનજા,
મિઠડ઼ી ત બોરી, લગેતી જિરકલી.

अलग कच्छ राज्य : कीर्तिभाई खत्री साथे हकडी मुलाकात

कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान

कच्छ मे वधारेमे वधारेमे रोजगारजी तकुं ओभी करेला मिणीं कच्छीयें के अरज आय.
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !

KachchhSeperateState_1611

(more…)

पंज महत्वजा कार्य पांजे कच्छ ला

पांजी मातृभूमी कच्छ, मातृभासा कच्छी ने पांजी संस्कृति ही पांला करे अमुल्य अईं. अज कच्छ में ऊद्योगिक ने खेतीवाडी में विकास थई रयो आय. बारनूं अलग अलग भासा बोलधल माडु प कच्छमे अची ने रेला लगा अईं. हॅडे वखत मे पां पांजी भासा ने संस्कृति के संभार्यूं ही वधारे जरूरी थई व्यो आय. अमुक महत्व जा कार्य जे अज सुधी पूरा थई व्या हुणा खप्या वा ने जे अना बाकी अईं हेनमेजा जे मिणीयां वधारे महत्वजा अईं से नीचे लखांतो.

१. चोवी कलाक जो कच्छी टी.वी.चेनल
अज जे आधुनिक काल में जमाने भेरो हले जी जरूर आय. अज मडे टी.वी. ने ईंटरनेट सुधी पोजी व्यो आय. हॅडे मे पांजा कच्छी माडु कच्छी भासा मे संस्कृति दर्सन, भजन, मनोरंजन, हेल्थ जी जानकारी ने ब्यो घणें मडे नेरेला मगेंता ही सॉ टका सची गाल आय. हेनजे अभाव में पांजा छोकरा ने युवक पिंढजी ऑडखाण के पूरी रीते समजी सकें नता. खास करेने जे कच्छ जे बार रेंता हु कच्छी भासा ने संस्कृति थी अजाण थींधा वनेंता.
कच्छी टी.वी.चेनल ते चॉवी कलाक कच्छी भासा में अलग अलग जात जा प्रोग्राम जॅडीते न्यूज, सीरीयल, हास्य कलाकार, खेतीवाडी जा सवाल जवाब, भजन, योगा,….नॅरेला मलें त कच्छी माडु धोनिया में केडा प हुअें कच्छ हनींजे धिल जे नजीक रॅ ने कच्छ प्रत्ये ने कच्छी भासा प्रत्ये गर्व वधॅ. भेगो भेगो पिंढजी ऑडखाण मजबुत थियॅ. ही कार्य मिणींया महत्वजो आय.
२. स्कूल में १ थी १० सुधी कच्छी भासा जो अभ्यास
अज कच्छ जे स्कूल में बो भासाएँ में सखायमें अचॅतो गुजराती ने ईंग्लीस. कच्छी भासा जे पांजी मातृभाषा आय ने घणे विकसित आय ही हकडी प स्कूल नाय जेडा १ थी १० धोरण सुधी सखायमें अचींधी हुए. कच्छी भासा जे उपयोग के वधारे में अचॅ त ही कच्छीयें ला करे सारी गाल आय ने स्कूल में सखायमें अचे त हनथी सारो कोरो. भोज, गांधीघाम जॅडे सहेरें में जेडा बई कम्युनीटी ( गुजराती,सींधी,हींदीभाषी,….) जा माडु प रेंता होडा ओप्सनल कोर्स तरीके रखेमें अची सगॅतो. १ थी १० क्लास सुधीजो अभ्यासक्रम पांजा कवि, साहित्यकार ने शिक्षक मलीने लखें त हेनके स्कूल में सखायला कच्छी प्रजा मजबूत मांग करे सगॅती. जॅडीते गुजरात, महाराष्ट्र,…. मे मातृभासा जो अभ्यासक्रम त हुऍतोज.

(more…)

साइंस एक्सप्रेस ट्रेन भोजमे Science Express train in Bhojh , Kachchh from (25 to 27 Aug 2017)

साइंस एक्सप्रेस ट्रेन भोजमे (25 to 27 Aug 2017)
download
download
Website :http://www.sciencexpress.in/