सुभ दियारी ! साल मुबारक ! Happy New Year !
भगवान तॉजी ..
अज ढोंग जा वजेता ढोल.
पिंढजी पत जो पतो न वे,
पारकें जी खोलीएंता पोल.
खेल हलेतो खुटलाइ जो,
ने सचाइ जी थीएती छोल.
अधूरा विठा अईं उंचांइ तें,
नें सजण गुमरी खेंता गोल.
“अगम”
ભગવાન તૉજી ભોમી મથે,
અજ ઢોંગ જા વજેતા ઢોલ.
પિંઢજી પત જો પતો ન વે,
પારકેં જી ખુલીએંતા પોલ.
ખેલ હલેતો ખુટલાઇ જો,
ને સચાઇ જી થીએતી છોલ.
અધૂરા વિઠા અઈં ઉંચાંઇ તેં,
નેં સજણ ગુમરી ખેંતા ગોલ.
“અગમ”
सुभ नवरात्री २०१८ ! Shubh Navratri 2018
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||
Mata je madh ja Live darshan 2018 (www.matanamadh.org)
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
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http://idiva.com/photogallery-ifood/12-vrat-special-recipes-to-prep-for-navratri/32381
** कच्छी मिठाइयुं **
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थारीयुं मंढीयुं अंइ, परस्या अंइ पकवान
मुलाजो जरा म करीजा , खेजा वठा मनोमन…
कंठी वागड अभडासे जा, पेडा अंइ नामी
सोनपापडी आय सुंवाली , कींय कढजा म खामी…
साटा ने गगन सोभे ,गुलाटी वारी जलेभी
खन जा कपडा पॅरी , मिठी लगेती बुंधी…
गुलाभजांभु ने रसगुल्ला,चासणी में डुबेला
मोनथार ने गेवर , गी से लचबच लचेला….
चोटीया ने मोधक मगडरीया अंइ वरेला
फिणीया ने गुडीया मट अंइ
सजा भरेला….
तलपींढो ने तलसाखडी , जुआरे में चडेंता
पगे लगो कुलदेवी के , पांके परसाध मलेंता…
भुंसेली बाजरजी मानी, कुलर जा फक भरियेता
वांची अंइ थीजा राजी, आंग्या “कांत” थार धरियेंता…..
जाॅक्स : मंधी
छगन (पंढजे बोस के ) – सर, काल थी आउ वेलो 7 वगे घरे हल्यो वेधो…..
बोस :- को..?
छगन :- आजी नोकरी थी मुजो घर नतो हले ,
रात जो नाईट में मूके रिकसा हलाईणी खपेती एटले…
बोस (भावुक थई ने ) – रीक्षा हलाई धे हलाई धे थकी रे ने भोख लगे त मु वटे अची ज भला , आउ पण रात जो पाव-भाजी जी लारी हलाईया तो …

