रीसु रंगुं करे ने …
वख वॅर करे ने मोभो वनायों
वखीले जो सॉणीं ने घर वनायों
अकल वगर जेंजीं सलाह मनी ने मगज वनायों
नॉरेंसे सबंध फटाय ने आराम वनायों
नीती खटल करे ने पैसो वनायों
कुटुंब से झगडा करे ने भाव वनायों
देश से गधारी करे न झमीर वनायों
पोय करीबो करे ने टाइम वनायों
टाइम कढाणुं त टगुं वनायों
हाणे वनेता सत्संग सॉणेला त कन वनायों
उ नंढपण जा डीं
भजों चोमासे जेर वसे मठडो मीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
माडी जे खोरे में खल्धे ओछर्या ते,
अधाजी उ आंगर जलेने फर्या ते
धोस्तारें भेरा धूळें में रम्या ते
न जेडी को गालें रमधे वड्या ते
छण्या आखड्या ते, न थींधो वो कीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
डाडी ने नानी व्हालप वरसाईएं
मखणने मानी ध्रोसट खाराईएं
वार्ताउं सोणाईएं मठा गीत गाईएं
संस्कारें जा पाठ भेरा भणाईएं
निशारें में भणतरने घडतर वई जीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
तराज्युं उ पाळुं तें ते वडलेजी डाळुं
हिंचका प्या खायुं जले वडवडाईयुं
तरामें तरों ने ठेंक्युं तें वायुं
कागळजी होळ्युं छेलें में तरायुं
नईयुं ने नाळा छलोछल वा जीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
घना कोटींबाने मोंगेंजी फर्युं व्युं
आमा ने जांबु खट्युं आमरीयुं व्युं
रता बेर चणीया लीयारेंज्युं लेरुं
अथाणें में मर्च्युं बजोरा ने केरीयुं
मठी छाय मानी खीचडी ने घी
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
गाभा चरायुं ने धोळुं कढायुं
गरीयाने पाईया रजा में फराईयुंं
मेळा अचें ने धलडा मचें तेर
रंगे उमंगे मौजुं उडाईयुं
ओगे ने ओलेजी खबर वई न कीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
परो जो जंधर तें डारा डराजे
छाय मंग ध्रुस्का सोणी मन भराजे
हेलुं खणी जेडलुं पाणी भरीएं
धीलजी कीं गाल्युं कूवे कांठे करीएं
ओलथे पोआ ओटेतें मेळा वा जीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
नढपण हल्यो व्यो त निरधोस्ता वई,
वडा थ्या त धलमें स्वारथता आवई,
नंढपण जटे ने कोला तुं वडो के?
धोनियाजे वेवारें में तुं मोठो के
सोनेरी ऊ डीं वरें पाछा कीं?
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं.
शियारे ठरों ने ऊनारे बरों,
भजों चोमासे जेर वसे मठडो मीं,
कडा व्या कडा व्या उ नंढपण जा डीं…..
कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !
सुभ दियारी ! साल मुबारक !
सुभ नवरात्री २०१७ ! Shubh Navratri 2017
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||
Mata je madh ja Live darshan 2017 (www.matanamadh.org)
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
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ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

