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सुभ नवरात्री २०१५ ! Shubh Navratri 2015 !

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

Mata je madh ja Live darshan 2015 (www.matanamadh.org)

जय माताजी !
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

खासाई !

न वडाई कम अचींधी
न पकाई कम अचींधी,
आखर ता पांके पांजी
‘खासाई’ कम अचींधी.

कच्छी तलवार रास ने डांडीया

कच्छजो मीं !


मिणीं कच्छी भावरें नेे भॅणें के वधायुं. नाराण सरोवर ने हमिरसर तरां आॅगनाणूं

Kachchhi Comedy full movie KAM JA KUDA

आसाढी बीजजी लख लख वधायुं !

अन्न वधॅ
घन वधॅ
सान्ती वधॅ
हेत वधॅ ..
वधॅ दया भाव
वधॅ मिणींजो सहयोग
हीज असांजी सुभेच्छा

कच्छी नये वरेजी आंके लख लख वधायुं !
पांजा माडु पांजी कच्छी पांजो कच्छ !
जय माताजी !
जय कच्छ !

आवई आसाढी बीज …. कच्छी नाटक “हलॅ त गडो नकां भर लडो”



Reference : KYS facebook page https://www.facebook.com/kutchdo?fref=ts

पांजो कच्छ !

🌹🌹पांजो कच्छ🌹🌹
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कच्छ पांजो कामणगारो ,
नेत याद अचे पांके बोरो ,
खटेलां परदेश वगर नांय आरो ,
ने मोज केलां कच्छ जेडो नाय कीं न्यारों ,
कच्छ के कीं विसराजे आय ई त प्यारो प्यारो ,
वस्या भले परदेश में छतां प धिल करे कच्छलां धबकारो।

कच्छडे के तुं न्याल कर ….

मींयडा वस तुं मोज सें असांजे वतन कच्छ ते
न्याल करी डे कच्छ के अषाढी बीज जो अच
भांभरे त्युं गोयुं मैयुं वछेरा ने वच्छ
मोरला प मलार करींता मुंध ते वेलो अच
वार न लगाइजा
वहेलो अची वसी पो …

अषाढ उभो आय उंभर तें जेठ थ्यो पूरो!
वसी पो वला मोडो म कर ऐयें सतें पेढीयें सुरो!

वसी पो तुं वेलो अची डुकार डिठा अयीं गच
ब्या डिठा अैइ वांचडीया ने धरा धुबेजो डप
खेड आडु हरोरी करींये ब्ये गोठ वने जी गत
नर्मदा मा जे आसरे ते मड मड रेइ आय पत
हाणे जल्धी अच
पाणी व्या पातार में …

मन छडी ने वस वल्ला मोडो कर म वीर!
सिकें असांजीयुं अखडीयुं न्यारेला मिठडा नीर!

ओगनाय छड डेम तरा ने मोराय डे राममोल!
आणां पियाणां जियाणां खोंभी जो माहोल!

ठा जला़य म ठाकर ही लगे नतो खासो!
वसी पो वला वमभरे म कर जिजो तमासो!

पाणी व्या पातार में वाडीयुं सुकीयुं भठ्ठ
डेम तरायुं खाली खम अंइ पाणी नाय निपट
वगडो सोको वेरान थेयो आय जनावरें जी नांय गत
झाड पोखेजो जोर करीयुं प पाणी आय तो वट
पर्यावरण के लगी पिट
वेसलो न कर वसे पो …

वेसलो न कर वसीपो बारो मिंजा डीइ छड अध
चोवटुं करे इन्धर सें कर्यों वसे जी गत
डीठा नैयुं कइ टेम से अभ में इन्धर लठ्ठ
रंग जमी रे कच्छ ते वसायों एडी वस
प्रभु रखो हाणे पत
कच्छडे के तुं न्याल कर …

Reference : email

कच्छ में लीला लहेर

वागड जा पीलु मिठा नें
चोबारी जा लीयार!
खावडे जी मिठाइ तां संभरे लारोलार!
मडई जी मिठी आमरी
बिदडें जा आमां!
ध्रभ जी खारक खाराईंधा मामा
माकपट जो गुंध गुगर
कंठी जा कुंढेर
बन्नी पच्छम जा खीर मखण!
सजे कच्छ में लीला लहेर!
Reference : email from Kachchhi Maadu